बागेश्वर सरकार ने दमोह में 300 लोगों को वापिस सतानती बनाया।
दमोह में रविवार को रामकथा में शामिल होने आए इन लोगों ने हिंदू धर्म को पुनः अपना लिया है। इन्होंने बताया कि ये किस तरह धर्म परिवर्तन कर ईसाई बने थे। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने सुबह कृष्णा हाइट्स में सैकड़ों भक्त से मुलाकात की। इनमें महिला.पुरुषए बच्चे सभी शामिल थे। बागेश्वर सरकार ने सभी लोगों को शपथ दिलाई कि वे अब कभी अपना धर्म नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने सभी धर्म वापसी करने वालों को आशीर्वाद दिया। आज सभी दमोह में यह संकल्प लेते हैं आज से हमेशाए जीवन पर्यंत अपने संतों कीए सनातन धर्म की रक्षा के लिए प्राण दे देंगेए परंतु भूलकर भी अन्य धर्म में नहीं जाएंगे। हम श्री हनुमानजी महाराज रविदास महाराज मीराबाई महर्षि वाल्मिकी गोस्वामी तुलसीदास जागेश्वर महादेव बागेश्वर बाला जी इनके चरणों की सौगंध खाते हैंए हम भूलकर भी कभी दूसरे धर्म में नहीं जाएंगे। हमसे जो गलती हुई है हमसे जो भूल हुई है दूसरे धर्म में जाने की प्रभु हमें क्षमा धर्म परिर्वतन करने वालों ने जब अपनी कहानी सुनाई तो बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा. इसमें आपकी भी गलती है। न लालच में जाते न उनके चक्कर में पड़ते। आप उस सनातन धर्म से हैं जहां आपके पूर्वजों पर कई विपत्तियां आईं उन्होंने अपना सिर तक काटकर दिखा दिया था।
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