संस्कृति

मिट्टी बचाओ अभियान :सतगुरु जग्गी वासुदेव जी सागर में

मिट्टी बचाओ अभियान के 79 वें दिन सागर में होगा आगमन

सदगुरु जग्गी वासुदेव जी ने मार्च महीने में 100 दिन, 30 हजार किलोमीटर की मोटरसाइकिल यात्रा ’जर्नी टू सेव सॉइल’ (मिट्टी बचाओ अभियान) की शुरुआत की थी। 21 मार्च से सद्गुरु ने लंदन से इस आंदोलन को  प्रारंभ किया था, जिसके लिये वे 100 दिनों की बाइक यात्रा कर रहे हैं, जो 21 जून 2022 को खत्म होगी। इस यात्रा के दौरान सद्गुरु 26 देशों में गए हैं, इसके साथ ही अपने इस सफर में सद्गुरु करीब तीस हजार किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं। 9 जून को अपनी यात्रा के 79 वे दिन वे सागर पहुंचेंगे।

स्टेट गेस्ट सद्गुरु वासुदेव जी जामनगर से जयपुर होते हुए दिल्ली पहुंचे थे। जहां प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उनका समर्थन किया और ’सेव सॉइल’ को लेकर जागरूक होने का समस्त विश्व से आह्वान कर 5 सूत्रीय मंत्र भी साझा किया। अब वे लखनऊ से  सागर होते हुए विदिशा के रास्ते भोपाल जा रहे हैं। शाम 5 बजे भोपाल में  प्रदेश के  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

सतगुरु गुरुवार को वे 1 बजे  सागर पहुंचेंगे। जहां भैसा स्कूल के पास उनके स्वागत और उद्बोधन की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था ईशा फाउंडेशन द्वारा गई है। कार्यक्रम स्थल पर मिट्टी बचाओ से संबंधित चल चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी एवं जिले में बन रहे 111 अमृत तालाबों के बारे में भी जानकारी प्रदर्शित की जाएगी. राज्य अतिथि सतगुरु के कार्यक्रम के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा आज कलेक्टर श्री दीपक आर्य की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई जिसमें पुलिस अधीक्षक श्री तरुण नायक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री क्षितिज सिंघल , निगम आयुक्त श्री चंद्रशेखर शुक्ला, कर्नल श्री अविनाश आचार्य, स्मार्ट सिटी सीईओ श्री राहुल सिंह राजपूत, अनुविभागीय अधिकारी एवं सिटी मजिस्ट्रेट श्रीमती सपना त्रिपाठी, तहसीलदार श्री रोहित वर्मा एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Share this...
bharatbhvh

Recent Posts

सागर के एडवोकेट अजय श्रीवास्तव की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

किसी फार्मेसी पाठ्यक्रम को अनुमोदन मिलने के बाद उसे हर साल पुनः अनुमोदन लेने के…

10 hours ago

मध्यप्रदेश – कौंडियों से तय नहीं होती नेता की औकात

हम इक्कीसवीं सदी में आ जरूर गये लेकिन आज भी हमने किसी की कीमत आंकने…

22 hours ago

लोकतंत्र : बर्तन मांजने वाली महिला से मंत्री पद तक का सफर

 आजादी के बाद से ही भारत में लोकतंत्र की उम्र और मजबूती को लेकर कई…

1 day ago

त्विषा शर्मा केस – ऊंट का पहाड़ के नीचे आना

भारतीय मुहावरे और कहावतें मुझे सिर्फ इसीलिए पसंद हैं क्योंकि वे सटीक भी लगती हैं…

4 days ago

मशहूर उर्दू शायर बशीर बद्र अब हमारे बीच नहीं रहे

1955 में मिसरिख (सीतापुर) के तरही मुशायरे की सदारत एक सूरत सीलदार कर रहे थे…

5 days ago

उत्तरप्रदेश में एक पत्नी की ये कैसी हैवानियत !

आज के दौर में अपराध की हदें रोज एक नया रिर्काड सा बनाती हुई लगती…

1 week ago