क्या अब दिल्ली मंे 10 साल राज करने वाले अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रियो की मुसीबत बढने वाली है । यह सवाल इसलिये उठता है क्योकि जब दिल्ली चुनाव के नतीजे आ रहे थे और दिल्ली में सरकार बदलना तय हो गया था तभी दिल्ली के उपराज्यपाल ने एक सरकारी आदेश दिया और दिल्ली सचिवालय को सील कर दिया गया और आदेश में कहा गया कि बिना उनकी पूर्व अनुमति के सचिवालय से कोई भी फाईल कंप्यूटर या हार्ड डिस्क बाहन नहीं जा सकेगी । जाहिर है कि नई सरकार केजरीवाल शासन के 10 सालों के हर फैसले की बारीकी से जांच करायेगी दिल्ली भाजपा प्रदेशअध्यक्ष पहले ही कह चुके है कि सबसे पहला काम एसआईटी बनाकर भ्रष्टाचार की जांच कराने का होगा ।
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