मेडिकल दाखिले की परीक्षा में हुई कथित गडबडी पर क्या सरकार कोई भी चर्चा नहीं करना चाहती है ? क्या लोकसभा में नीट परीक्षा पर चर्चा की जानी चाहिये थी ? और यदि यह छात्रो के भविष्य से जडा हुआ गंभीर मामला है तो सरकार सदन में इससे भागी क्यों ? दो जुलाई को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर नीट पर चर्चा कराने का अनुरोध किया था लेकिन उसे अनदेखा करते हुए सदन को अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दिया गया। यदि सरकार चाहती तो 3 जुलाई तक सदन चलाकर नीट पर चर्चा करा सकती थी लेकिन इसे एक दिन पहले ही समाप्त कर दिया गया।
⇑ वीडियो समाचारों से जुड़ने के लिए कृपया हमारे चैनल को सबस्क्राईब करें , धन्यवाद।
मप्र भाजपा के वरिष्ठ नेता और मप्र सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से भी…
बुंदेलखंड के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) के लिए एक स्वर्णिम युग…
एक जमाने में प्रतिकार का प्रमुख नारा था-'जो हमसे टकराएगा, मिट्टी में मिल जाएगा'. वक्त…
बिहार में भाजपा की राजनीति के चेहरे 45 वर्षीय नितिन नबीन मंगलवार को भाजपा के…
चांदी पहली बार 3 लाख के पार, 15 हजार बढ़ी बीते दो साल में सोने…
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद एक बार फिर विवादों में हैं गौतलब है की कुम्भ मेले में…