मध्य प्रदेश विधानसभा के गठन के बाद सबसे पहला सत्र 17 दिसंबर 1956 को शुरू हुआ था और कल दिसंबर 2025 को 75 साल पूरे हो रहे हैं हैं इस उपलक्ष्य में विधानसभा विशेष सत्र बुलाया गया है इस सत्र के लिए पक्ष और विपक्ष दोनों ने तैयारियां तेज कर दी हैं आज शाम को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के निवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। दरअसल विशेष अवसरों पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाता है इस बार यह विधानसभा के गठन के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में बुलाया या जा रहा है इसके पहले 10 साल पहले 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विशेष सत्र बुलाया था मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में दो बार विशेष सत्र बुलाया गया एक बार 2000 में जब मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ राज्य बना था तब भी विशेष सत्र बुलाया गया था और 1997 में आजादी 50वीं जयंती पर समारोह को लेकर चर्चा करने की के लिए विशेष सत्र बुलाया गया था। इस बार यह सत्र विधानसभा के गठन के पूरे होने पर बुलाया जा रहा है इस कारण यह विशेष है क्योंकि इस सत्र में 75 साल के इतिहास साल पर चर्चा होगी यह एकदिवसीय विशेष सत्र मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा का आठवां सत्र होगा।
बहरहाल विधानसभा के एक दिवसीय विशेषसत्र के लिए सत्ता पक्ष विपक्ष तैयारी में जुटा हुआ है दोनों पक्षों की ओर से 10-10 वक्ता बोलने के लिए अधिकृत किए जाएंगे जो की विकसित आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्य प्रदेश बनाने को लेकर अपने-अपने सुझाव देंगे इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने दोनों दलों से नाम मांगे हैं सत्ता पक्ष की ओर से हाल ही में सरकार के 2 साल पूरे होने पर जो आंकड़े एकत्रित हुए हैं उन्हें चुनिंदा बोलने वालों को दल की ओर से दिए जाएंगे जिससे जिससे सरकार का पक्ष इस विशेष सत्र में ओवर कर सामने आए सरकार की ओर से चर्चा के लिए भी जो महत्वपूर्ण बिंदु तय किया जा रहे हैं। उसमें आर्थिक लक्ष्य 2047 तक राज्य की जीडीपी 2.5 ट्रिलियन तक पहुंचना है और प्रति व्यक्ति आय 22 लख रुपए तक बढ़ता है सामाजिक लक्ष्य औसत आयु 84 वर्ष और साक्षरता दर 100% करना रहेगा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को संतुलित करते हुए औद्योगिक और सेवा क्षेत्र में बढ़ावा देना जैसे प्रस्ताव रखे जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सरकार के 2 साल पूरे होने पर जिस तरह से उपलब्धियां को ऊंचाइयां दी हैं।इस विशेष सत्र में आगामी सरकार के लक्ष्य स्पष्ट किए जाएंगे दूसरी और इस विशेष सत्र के लिए आज मंगलवार को कांग्रेस विधायक दल को महत्वपूर्ण वैबैठक नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के बंगले पर होने जा रही है विधायक दल की बैठक में प्रदेश की आर्थिक स्थिति किसानों युवाओं महिलाओं आदिवासियों दलितों पिछड़ों एवं कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दे के साथ-साथ विकास की वास्तविक चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी साथ ही सरकार की नीतियों की समीक्षा करते हुए कांग्रेस विधायक दल द्वारा विशेष सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाएगा इस दौरान 10 वक्ताओं की सूची भी तैयार होगी जो विषय विशेष पर विशेष तैयारी करके सदन में आएंगे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार का कहना है कि प्रदेश को वास्तव में विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए खोखले नारों की नहीं ठोस नीतियों और ईमानदार राजनीतिक इच्छा शक्ति की जरूरत है एक दिवसीय सत्र केवल औपचारिक ना बने बल्कि इसमें किसानों की आय और युवाओं के रोजगार महिलाओं की सुरक्षा आदिवासी दलित समाज केअधिकार और प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति पर गंभीर चर्चा होना चाहिए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल द्वारा इस विशेष सत्र में जनता की वास्तविक समस्याओं और प्रदेश के भविष्य की ठोस रूपरेखा को मजबूती से रखेगा। कुल मिलाकर विशेष अवसरों पर बुलाए जाने वाला विधानसभा का कल का एक दिवसीय सत्र भी विधानसभा के गठन के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में बुलाया गया है और इस सत्र विशेष बनाने के लिए दोनों ही दलों की ओर से तैयारियां तेज हो गई है।
देवदत्त दुबे
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