सागर जिले की नरयावली विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस के दोनो पुराने प्रतिद्धंदी मैदान में है लेकिन इस बार मुकाबला कांटे का है और अब तक के आकलन के आधार पर कांग्रेस प्रत्याशी का बेहतर मेनेजमेंट कांग्रेस को बढत दिलाये हुए है । सुरेंद्र चौधरी ने तीन बार की हार से सबक लेकर नरयावली विधानसभा में अपने सभी कमजोर एवं नकारात्मक पक्षो की भरपाई जबरजस्त तरीके से की है जिसका असर ग्रामीण क्षेत्रो में भी दिखाई दे रहा है और आम नागरिक भी बदलाव की बात कहता हुआ नजर आता है । तो तीन बार चुनाव हारे सुरेंद्र चौधीर जहां सुहानुभूति भी बटोर रहे है तो दूसरी तरफ मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में सत्ता परिर्वतन की संभावनाओं और सर्वे ने भी कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र चौधरी का पलड़ा भारी किया है।
वहीें नरयावली से भाजपा प्रतयाशी विधायक प्रदीप लारिया अब भी पुराने ढर्रे पर चुनावी मेनेजमेंट में जुटे है जबकि 15 सालो ंसे विधायक होने के अपने साईड इफैक्ट होते है इस बार पूरे प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस समानता का आधार लिये हुए है कही भी पार्टी विशेष की लहर नहीं है इन हालातो में प्रत्याशियों का चुनावी गणित से ही जनता का आर्शीवाद मिलना तय है । नरयावली विधानसभा में इस बार के परिणाम चौकाने वाले हो सकते है और हार जीत का अंतर भी बेहद कम होने की संभावना है।
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