2024 के आम चुनावों में पहले चरण के मतदान के बाद सत्ताधारी दल भाजपा और विपक्षी गठबंधन दोनो इसे अपने पक्ष में बताता हुआ है लेकिन आंकडो पर गौर करें तो मतदान प्रतिशत का कम होना भाजपा के अबकि बार 400 पार के नारे पर चोट करने वाला साबित हो सकता है 2014 और 2019 के मुकाबले कम मतदान मतदाताओं में उत्साह की कमी को दिखाता है गौरतलब है कि राज्यों में मतदान के जो आकडे आये है वह भी भाजपा के लिये चिंताजनक हो सकते है पिछली दफा जिन राज्यों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया था वहां मतदान प्रतिशत कम है जबकि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडू जैसे राज्यों में जहां विरोधी दलों की सरकार है वहां मतदान अधिक हुआ है यदि आने वाले चरणो में भी मतदान की गति धीमी रही तो इन चुनावों के परिणाम चौकाने वाले हो सकते है।
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