दिल्ली में आम आदमी पार्टी की करारी हार हुई है लेकिन इस हार के बाद भी कुछ तथ्य एसे है जो पार्टी को अब भी मजबूत बताते है। मसलन दिल्ली में 12 साल सरकार रहने के बाद भी आप ने लगभग 44 प्रतिशत वोट हांसिल किये जो एक बडी उपलब्धि है । और दूसरी बात यह है कि आप ने जो वोट हासिल किये है उनमे से बडा हिस्सा गरीब और पिछडे समुदाय का है । मध्यमवर्ग और धनी वर्ग में जरूर पार्टी के प्रति सर्मथन कम हुआ है। और जिन योजनाओं को रेवडी कल्चर का नाम देकर आम आदमी पार्टी की आलोचना की गई उससे मुकाबला करने के लिये भाजपा और कांग्रेस को भी उन्ही योजनाओं का सहारा लेना पड़ा । कुलमिलाकर आम आदमी पार्टी की हार जरूर हुई है लेकिन राजधानी में उसका एक मजबूत आधार अभी भी बरकरार है।
मप्र भाजपा के वरिष्ठ नेता और मप्र सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से भी…
बुंदेलखंड के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) के लिए एक स्वर्णिम युग…
एक जमाने में प्रतिकार का प्रमुख नारा था-'जो हमसे टकराएगा, मिट्टी में मिल जाएगा'. वक्त…
बिहार में भाजपा की राजनीति के चेहरे 45 वर्षीय नितिन नबीन मंगलवार को भाजपा के…
चांदी पहली बार 3 लाख के पार, 15 हजार बढ़ी बीते दो साल में सोने…
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद एक बार फिर विवादों में हैं गौतलब है की कुम्भ मेले में…