व्यंग्य : दान की जमीन और दुनिया की जलन

तो गुरू , मानो कलयुग को भी समझ में नहीं आ रिया है कि उसके साथ हो क्या रिया है कभी  बम- बारूद की बात … Continue reading व्यंग्य : दान की जमीन और दुनिया की जलन