jagdeep sing bais

स्मृति शेष – संकल्प के धनी और बात के पक्के

मैं उसे “मालगुज़ार” कहता था। और वह था भी वैसा — दिल का राजा, बांटने वाला, लुटा देने वाला। वह मालगुज़ार जो अपनी दौलत…

7 months ago