आज के बदलते परिवेश में रिश्तों को रेखांकित करती एक मार्मिक कहानी ''एक बाप का फैसला'' "क्या बताऊँ मम्मी, आजकल…
गुरु , क्या इन दो अक्षर के बिना जिसमे प्रत्येक जीव के जीवन की सार्थकता की कल्पना करना भी संभव…